2024 में अनंत चतुर्दशी तिथि

2024 में अनंत चतुर्दशी तिथि: अनंत चतुर्दशी एक भारतीय त्यौहार है, जो हिंदू रीति रिवाज में भद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होता है। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु और उनकी पत्नी माता लक्ष्मी की पूजा होती है। यह त्योहार भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए एक अच्छा समय होता है, जिसके साथ सुख समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य, पति पत्नी के सौभाग्य की प्रार्थना की जाती है। अनंत चतुर्दशी के दिन लक्ष्मी-नारायण की विशेष पूजा होती है। उन्हें जल, नारियल, धूप, फूल, और अनेक प्रसाद समर्पित किए जाते हैं। इस विशेष दिन भगवान विष्णु की कथा का पाठ विशेष रूप से लोगों द्वारा किया जाता है और लोग विष्णु भजन भी गाते हैं।

2024 में अनंत चतुर्दशी तिथि

साल 2024 में अनंत चतुर्दशी 16 सितंबर दिन सोमवार को मनाई जाएगी।

अनंत चतुर्दशी पर किस भगवान की पूजा की जाती है?

अनंत चतुर्दशी उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा महत्व रखता है जो लोग भगवान विष्णु की आराधना करने की चाह रखते हैं। अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। इस त्योहार को भाद्रपद में चंद्रमा को देखा जाता है, चंद्रमा के बढ़ते चरण के दौरान चौदहवें दिन अनंत चतुर्दशी मनाया जाता है।

अनंत चतुर्दशी का क्या महत्व है?

अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश उत्सव का समापन होता है, जो 10 दिनों तक चलता है। और इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा होती है। भगवान श्री हरिविष्णु की अनंत रूप की पूजा होती है। इस दिन को एक और नाम से भी जाना जाता है, अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस भी कहा जाता है।

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अनंत चतुर्दशी का व्रत क्यों रखते हैं?

अनंत चतुर्दशी का व्रत खास होता है, इसके व्रत के अपने अनेक लाभ होते हैं। इस दिन विशेष भगवान विष्णु का होता है। इस खास मौके पर व्रत करने से सुख-सौभाग्य बढ़ता है, जीवन में धन योग बनते हैं, आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। 

अनंत चतुर्दशी में क्या क्या खाया जाता है?

क्योंकि इस दिन कुछ लोग व्रत करते हैं इसलिए फल खाना बेहतर होता है। इस दिन साबुदाना भी खाया जाता है। इस दौरान विशेष ध्यान रखें प्याज, लहसून से बनी चीजों का सेवन न करें।

अनंत चतुर्दशी पर क्या किया जाता है?

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद अनंत सूत्र बांधा जाता है। धागा पर चौदह गाँठें बनाई जाती है, जिसके बाद यह धागा बाजू पर बांधा जाता है।

Author: Allinesureya

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