बौद्ध धर्म मंत्र|Buddhist Mantra

बौद्ध धर्म मंत्र: बौद्ध धर्म एक ऐसी धर्म है जो इसे दुनिया के अनेकों धर्मो से अलग बनाती है। इसके अनेक विशेषताएं है जिनको आप आगे जानने वाले हैं। इसके प्रमुख विशेषता बुद्ध के आदर्शों पर आधारित हैं क्योंकी बौद्ध धर्म गौतम बुद्ध के उपदेशों का ही पालन करता है। इस धर्म में यह विश्वास किया जाता है कि जीवन अनित्य होता है। जहां हमेशा ही परिवर्तन होता रहता है। बौद्ध धर्म में चार आदर्श होते है जिनको सत्य माना जाता हैं, वे चार आदर्श है: जन्म, जरा, रोग, मरण।

       अर्थात् यह जीवन की चार प्रकार की अवस्थाएं हैं जो सभी के लिए साझा होती हैं। बौद्ध धर्म में संघ को भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। जो एक प्रकार का सामूहिक समुदाय होता है जहा बुद्ध उपदेश दिया करते थे। ठीक उसी प्रकार यह संघ है जहा उपदेशों को बढ़ावा दिया जाता है। बौद्ध धर्म में सभी जीवों के प्रति दया रखने की अपील की जाती है। क्योंकी जीव दयालुता और सहानुभूति का सिद्धांत यहां प्रचलित है। 

बौद्ध धर्म में अष्टांगिक मार्ग होता है, जिसका पालन किया जाता है। जिसके आठ अंग होते हैं वे आठ अंग हैं-

  1. सम्यक दृष्टि,
  2. सम्यक संकल्प,
  3. सम्यक वाक,
  4. सम्यक स्मृति,
  5. सम्यक कर्मान्त,
  6. सम्यक व्यायाम,
  7. सम्यक आजीविका,
  8. सम्यक समाधि।

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प्रमुख बुद्धिष्ट मंत्र हैं:

यहां आपको बौद्ध धर्म के प्रमुख मंत्रों को बताया गया है: 

  • ॐ मणिपद्मे हूं (Om Mani Padme Hum)
  • अमिताभ बुद्ध की पूजा का मंत्र: नमो अमिताभाय (Namo Amitabha)
  • देवी तारा जो कठिनाईयों को दूर करती हैं और रक्षा करती हैं उनका मंत्र:  ॐ तारे तुत्तारे तुरे स्वाहा (Om Tare Tuttare Ture Svaha)
  • सुख समृद्धि के लिए मंत्र: सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। (Sarve Bhavantu Sukhinah Sarve Santu Niramayah)
  • बुद्ध के शरण में जाने का मंत्र: बुद्धं शरणं गच्छामि (Buddham Sharanam Gachchami)
  • अपनी अध्यात्मिक ज्ञान को बढ़ाने को मंत्र: ॐ भूर्भुवः स्वः (Om Bhur Bhuva Swaha)
  • संघ के उपदेश के लिए मंत्र: संघं शरणं गच्छामि (Sangham Sharanam Gachchami)
  • हृदय सूत्र का मंत्र, जो शून्यता के मार्ग पर ले जाता है: ॐ गते गते पारगते पारसंगते बोधि स्वाहा (Om Gate Gate Paragate Parasamgate Bodhi Svaha)
  • शांति को प्राप्त करने का मंत्र: ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः (Om Shanti Shanti Shanti)

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बौद्ध धर्म के चार शब्द क्या है?

 बौद्ध धर्म के चार मूल सत्य दुख से संबंधित बताए गए हैं जो कुछ इस प्रकार हैं

  • दुख
  • दुख से मुक्ति 
  • दुख का कारण
  • दुख से मुक्ति का मार्ग।

सबसे शक्तिशाली बौद्ध मंत्र क्या है तथा बौद्ध धर्म के 3 देवता कौन हैं?

“ओम मणि पद्मे हुम्” यह बौद्ध धर्म का एक शक्तिशाली मंत्र है। यह बौध धर्म का सार मंत्र है। इस पर संपूर्ण शिक्षा हैं। 

बौद्ध धर्म के तीन विशेष देवता हैं:

बुद्ध,

धम्म और 

संघ

बौद्ध धर्म के ये तीन प्रमुख त्रिरत्न हैं।

क्या बुद्ध एक हिंदू थे?

बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था। और वे एक हिन्दू राजा के घर में जन्म लिए थे। इसलिए वे एक हिंदू थे। इसलिए माना जाता है कि बौद्ध धर्म की उत्पत्ति आंशिक रूप से हिंदू धार्मिक परंपरा से हुई थी। और कुछ हिंदू लोग बुद्ध को एक हिंदू देवता के अवतार के रूप में भी मानते हैं।

बौद्ध कैसे बने?

अगर कोई व्यक्ति किसी के मन में अगर बौद्ध धर्म मानने की इच्छा हो तो वे किसी भी जाति के है, या फिर किसी भी देश में रहते हो, उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि कोई भी हो, वे किसी भी लिंग के हो सकते हैं। वे खुद को बौद्ध के रूप में देख सकते हैं।

ऐसे इच्छुक लोग के लिए आमतौर पर एक बौद्ध समारोह में जा कर भाग ले सकते हैं जिसे बौद्ध की भाषा में ट्रिपल जेम में शरण लेने का एक रूप के तौर पर जाना जाता है । यह एक सरल कार्य होता है। जहां एक संन्यासी के शरण में जा कर उनके श्लोक को तीन बार पढ़ने का कार्य होता है।

बुद्ध के मरने पर क्या हुआ?

इतिहास की अगर हम माने तो इसके अनुसार बुद्ध की मृत्यु उत्तर भारत के कुशीनगर शहर के समीप हुई थी, जिसके बाद वे अपने पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो चुके थे और उन्होंने निर्वाण को प्राप्त किया था, बात करे निर्वाण की तो यह पुनर्जन्म से मुक्ति को कहते है।

Author: Allinesureya

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